CBSE पुनरावृति नोट्स CLASS - 8 hindi पाठ - 18 टोपी - सृंजय पाठ का सारांश- इस पाठ में लेखक ने एक लोककथा का पुनर्सर्जन किया है। सामाजिक सरोकारों से युक्त यह कथा राजा और प्रजा के बीच संबंधों का ज्ञान कराती हैं। राजतंत्र तथा प्रजातंत्र के बीच अंतर समझने में यह कहानी बहुत ही सहायक सिद्ध होती है। एक नन्हीं-सी गौरैया के माध्यम से लेखक संपूर्ण मानव-जाति को कर्तव्यनिष्ठ होने के लिए प्रेरित कर रहा है। एक गवरइया (मादा गौरैया) और गवरा (नर गौरैया) का संबंध बहुत ही घनिष्ठ था। दोनों सदैव साथ रहते, साथ-साथ उठते-बैठते, सोते-जागते, हँसते-रोते। प्रातःकाल भोजन की तलाश में दोनों साथ निकलते और शाम को फिर साथ ही रहते। वे एक-दूसरे को अपनी बातें बताते और थकान उतारकर सो जाते। एक शाम गवरइया ने गवरे से कहा, “देखो, आदमी कैसे रंग-बिरंगे कपड़े पहनता है? उस पर कितना अच्छा लगता है।” गवरे ने तुरंत विरोध करते हुए कहा कि कपड़े पहनने से आदमी बदसूरत लगने लगता है। उल्टे उसकी खूबसूरती ढँक ज़रूर जाती है। गवरइया ने कहा “आदमी, मौसम की मार से बचने के लिए कपड़े पहनता है।” तब कपड़े का विरोध करते हुए गवरे ने कहा,...